सूरह फ़ातिर
وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَآءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِٱلْبَيِّنَـٰتِ وَبِٱلزُّبُرِ وَبِٱلْكِتَـٰبِ ٱلْمُنِيرِ
Wa iy yukażżibūka faqad każżabal-lażīna min qablihim, jā'athum rusuluhum bil-bayyināti wa biz-zuburi wa bil-kitābil-munīr(i).
यदि वे तुम्हें झुठलाते है तो जो उनसे पहले थे वे भी झुठला चुके है। उनके रसूल उनके पास स्पष्ट और ज़बूरें और प्रकाशमान किताब लेकर आए थे
📝 टिप्पणी
634) ज़ुबुर से तात्पर्य वह्य (प्रकाशना) के उन सहीफ़ों (पन्नों) से है जिनमें नियम (क़ानून) और उपदेश शामिल थे जो पूर्ववर्ती नबियों (पैगंबरों) को दिए गए थे.
सभी आयत 45 आयत