सूरह अल-मआरिज
وَإِذَا مَسَّهُ ٱلْخَيْرُ مَنُوعًا
Wa iżā massahul-khairu manū‘ā(n).
किन्तु जब उसे सम्पन्नता प्राप्त होती ही तो वह कृपणता दिखाता है
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وَإِذَا مَسَّهُ ٱلْخَيْرُ مَنُوعًا
Wa iżā massahul-khairu manū‘ā(n).
किन्तु जब उसे सम्पन्नता प्राप्त होती ही तो वह कृपणता दिखाता है
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