सूरह अल-मआरिज
إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ
Illā ‘alā azwājihim au mā malakat aimānuhum fa innahum gairu malūmīn(a).
अपनी पत्नि यों या जो उनकी मिल्क में हो उनके अतिरिक्त दूसरों से तो इस बात पर उनकी कोई भर्त्सना नही। -
📝 टिप्पणी
724) सूरा अल-मुमिनून/23: 6 की पादटिप्पणी (फुटनोट) देखें।
सभी आयत 44 आयत