सूरह अल-मआरिज
كَلَّآ ۖ إِنَّا خَلَقْنَـٰهُم مِّمَّا يَعْلَمُونَ
Kallā, innā khalaqnāhum mimmā ya‘malūn(a).
कदापि नहीं, हमने उन्हें उस चीज़ से पैदा किया है, जिसे वे भली-भाँति जानते है
📝 टिप्पणी
726) वे काफ़िर जानते हैं कि अल्लाह ने उन्हें वीर्य (नूतफ़ा) से पैदा किया है ताकि वे अन्य मनुष्यों की तरह उस पर ईमान लाएं और उसका तक़्वा (धर्मपरायणता) अपनाएं। इसलिए, यदि वे ईमान नहीं लाते और तक़्वा इख़्तियार नहीं करते, तो उन्हें स्वर्ग (जन्नत) में प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं है।
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