सूरह अल-मआरिज
لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ
Lis-sā'ili wal-maḥrūm(i).
माँगनेवालों और वंचित का एक ज्ञात और निश्चित हक़ होता है,
सभी आयत 44 आयत
لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ
Lis-sā'ili wal-maḥrūm(i).
माँगनेवालों और वंचित का एक ज्ञात और निश्चित हक़ होता है,
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