सूरह अल-हिज्र

وَإِن مِّن شَىْءٍ إِلَّا عِندَنَا خَزَآئِنُهُۥ وَمَا نُنَزِّلُهُۥٓ إِلَّا بِقَدَرٍ مَّعْلُومٍ

Wa im min syai'in illā ‘indanā khazā'inuhū wa mā nunazziluhū illā biqadarim ma‘lūm(un).

कोई भी चीज़ तो ऐसी नहीं है जिसके भंडार हमारे पास न हों, फिर भी हम उसे एक ज्ञात (निश्चिंत) मात्रा के साथ उतारते है

📝 टिप्पणी
395) हर चीज़ का स्रोत (मूल) अल्लाह तआला ही है।

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