सूरह अल-हिज्र
لَعَمْرُكَ إِنَّهُمْ لَفِى سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُونَ
La‘amruka innahum lafī sakratihim ya‘mahūn(a).
तुम्हारे जीवन की सौगन्ध, वे अपनी मस्ती में खोए हुए थे,
📝 टिप्पणी
401) अल्लाह की यह क़सम (शपथ) अल्लाह के पास उनके उच्च स्थान, सम्मान और प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
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