सूरह अल-हिज्र
وَقَالُوا۟ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِى نُزِّلَ عَلَيْهِ ٱلذِّكْرُ إِنَّكَ لَمَجْنُونٌ
Wa qālū yā ayyuhal-lażī nuzzila ‘alaihiż-żikru innaka lamajnūn(un).
वे कहते है, "ऐ व्यक्ति, जिसपर अनुस्मरण अवतरित हुआ, तुम निश्चय ही दीवाने हो!
📝 टिप्पणी
392) ये शब्द मक्का के काफ़िरों (अविश्वासियों) द्वारा पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उपहास (मज़ाक) के रूप में कहे गए थे।
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