सूरह अल-हिज्र

قَالَ وَمَن يَقْنَطُ مِن رَّحْمَةِ رَبِّهِۦٓ إِلَّا ٱلضَّآلُّونَ

Qāla wa may yaqnaṭu mir raḥmati rabbihī illaḍ-ḍāllūn(a).

उसने कहा, "अपने रब की दयालुता से पथभ्रष्टों के सिवा और कौन निराश होगा?"

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