सूरह ता-हा

وَمَنْ أَعْرَضَ عَن ذِكْرِى فَإِنَّ لَهُۥ مَعِيشَةً ضَنكًا وَنَحْشُرُهُۥ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ أَعْمَىٰ

Wa man a‘raḍa ‘an żikrī fa inna lahū ma‘īsyatan ḍankaw wa naḥsyuruhū yaumal-qiyāmati a‘mā.

और जिस किसी ने मेरी स्मृति से मुँह मोडा़ तो उसका जीवन संकीर्ण होगा और क़ियामत के दिन हम उसे अंधा उठाएँगे।"

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