सूरह ता-हा

فَقُولَا لَهُۥ قَوْلًا لَّيِّنًا لَّعَلَّهُۥ يَتَذَكَّرُ أَوْ يَخْشَىٰ

Fa qūlā lahū qaulal layyinal la‘allahū yatażakkaru au yakhsyā.

उससे नर्म बात करना, कदाचित वह ध्यान दे या डरे।"

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