सूरह अन-नमल

قَالَتْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْمَلَؤُا۟ إِنِّىٓ أُلْقِىَ إِلَىَّ كِتَـٰبٌ كَرِيمٌ

Qālat yā ayyuhal-mala'u innī ulqiya ilayya kitābun karīm(un).

वह बोली, "ऐ सरदारों! मेरी ओर एक प्रतिष्ठित पत्र डाला गया है

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