सूरह अन-नमल

وَلُوطًا إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَتَأْتُونَ ٱلْفَـٰحِشَةَ وَأَنتُمْ تُبْصِرُونَ

Wa lūṭan iż qāla liqaumihī ata'tūnal-fāḥisyata wa antum tubṣirūn(a).

और लूत को भी भेजा, जब उसने अपनी क़ौम के लोगों से कहा, "क्या तुम आँखों देखते हुए अश्लील कर्म करते हो?

📝 टिप्पणी
554) इस आयत में अश्लीलता (घृणित कार्य) से तात्पर्य यौन विकृति से है, जिसमें समलैंगिकता भी शामिल है।

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