सूरह अन-नमल
حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُو قَالَ أَكَذَّبْتُم بِـَٔايَـٰتِى وَلَمْ تُحِيطُوا۟ بِهَا عِلْمًا أَمَّاذَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
Ḥattā iżā jā'ū qāla akażżabtum bi'āyātī wa lam tuḥīṭū bihā ‘ilman ammāżā kuntum ta‘malūn(a).
यहाँ तक कि जब वे आ जाएँगे तो वह कहेगा, "क्या तुमने मेरी आयतों को झुठलाया, हालाँकि अपने ज्ञान से तुम उनपर हावी न थे या फिर तुम क्या करते थे?"
📝 टिप्पणी
556) अरब के बहुदेववादियों (मुरशिकीन) ने अल्लाह सुब्हानहू व तआला की आयतों पर बिना सोच-विचार किए ही उन्हें झुठला दिया था।
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