सूरह अन-नमल
وَمَا مِنْ غَآئِبَةٍ فِى ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِلَّا فِى كِتَـٰبٍ مُّبِينٍ
Wa mā min gā'ibatin fis-samā'i wal-arḍi illā fī kitābim mubīn(in).
आकाश और धरती में छिपी कोई भी चीज़ ऐसी नहीं जो एक स्पष्ट किताब में मौजूद न हो
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