सूरह अज़-ज़ारियात
كَانُوا۟ قَلِيلًا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ
Kānū qalīlam minal-laili mā yahja‘ūn(a).
रातों को थोड़ा ही सोते थे,
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كَانُوا۟ قَلِيلًا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ
Kānū qalīlam minal-laili mā yahja‘ūn(a).
रातों को थोड़ा ही सोते थे,
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