सूरह अज़-ज़ारियात
فَمَا ٱسْتَطَـٰعُوا۟ مِن قِيَامٍ وَمَا كَانُوا۟ مُنتَصِرِينَ
Famastaṭā‘ū min qiyāmiw wa mā kānū muntaṣirīn(a).
फिर वे न खड़े ही हो सके और न अपना बचाव ही कर सके
सभी आयत 60 आयत
فَمَا ٱسْتَطَـٰعُوا۟ مِن قِيَامٍ وَمَا كَانُوا۟ مُنتَصِرِينَ
Famastaṭā‘ū min qiyāmiw wa mā kānū muntaṣirīn(a).
फिर वे न खड़े ही हो सके और न अपना बचाव ही कर सके
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।