सूरह अज़-ज़ारियात
وَفِىٓ أَنفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ
Wa fī anfusikum, afalā tubṣirūn(a).
और ,स्वयं तुम्हारे अपने आप में भी। तो क्या तुम देखते नहीं?
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وَفِىٓ أَنفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ
Wa fī anfusikum, afalā tubṣirūn(a).
और ,स्वयं तुम्हारे अपने आप में भी। तो क्या तुम देखते नहीं?
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