सूरह अल-इंसान

فَوَقَىٰهُمُ ٱللَّهُ شَرَّ ذَٰلِكَ ٱلْيَوْمِ وَلَقَّىٰهُمْ نَضْرَةً وَسُرُورًا

Fa waqāhumullāhu syarra żālikal-yaumi wa laqqāhum naḍrataw wa surūrā(n).

अतः अल्लाह ने उस दिन की बुराई से बचा लिया और उन्हें ताज़गी और ख़ुशी प्रदान की,

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