सूरह अल-इंसान

إِنَّ هَـٰذِهِۦ تَذْكِرَةٌ ۖ فَمَن شَآءَ ٱتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلًا

Inna hāżihī tażkirah(tun), faman syā'attakhaża ilā rabbihī sabīlā(n).

निश्चय ही यह एक अनुस्मृति है, अब जो चाहे अपने रब की ओर मार्ग ग्रहण कर ले

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