सूरह अल-इंसान
إِنَّ هَـٰذَا كَانَ لَكُمْ جَزَآءً وَكَانَ سَعْيُكُم مَّشْكُورًا
Inna hāżā kāna lakum jazā'aw wa kāna sa‘yukum masykūrā(n).
"यह है तुम्हारा बदला और तुम्हारा प्रयास क़द्र करने के योग्य है।"
सभी आयत 31 आयत
إِنَّ هَـٰذَا كَانَ لَكُمْ جَزَآءً وَكَانَ سَعْيُكُم مَّشْكُورًا
Inna hāżā kāna lakum jazā'aw wa kāna sa‘yukum masykūrā(n).
"यह है तुम्हारा बदला और तुम्हारा प्रयास क़द्र करने के योग्य है।"
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