सूरह अल-इंसान

إِنَّ هَـٰذَا كَانَ لَكُمْ جَزَآءً وَكَانَ سَعْيُكُم مَّشْكُورًا

Inna hāżā kāna lakum jazā'aw wa kāna sa‘yukum masykūrā(n).

"यह है तुम्हारा बदला और तुम्हारा प्रयास क़द्र करने के योग्य है।"

सभी आयत 31 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।