सूरह अन-नाज़िआत
فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌ وَٰحِدَةٌ
Fa innamā hiya zajratuw wāḥidah(tun).
वह तो बस एक ही झिड़की होगी,
सभी आयत 46 आयत
فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌ وَٰحِدَةٌ
Fa innamā hiya zajratuw wāḥidah(tun).
वह तो बस एक ही झिड़की होगी,
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