सूरह अन-नाज़िआत
مَتَـٰعًا لَّكُمْ وَلِأَنْعَـٰمِكُمْ
Matā‘al lakum wa li'an‘āmikum.
तुम्हारे लिए और तुम्हारे मवेशियों के लिए जीवन-सामग्री के रूप में
सभी आयत 46 आयत
مَتَـٰعًا لَّكُمْ وَلِأَنْعَـٰمِكُمْ
Matā‘al lakum wa li'an‘āmikum.
तुम्हारे लिए और तुम्हारे मवेशियों के लिए जीवन-सामग्री के रूप में
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