सूरह अन-नाज़िआत
فَكَذَّبَ وَعَصَىٰ
Fa każżaba wa ‘aṣā.
किन्तु उसने झुठला दिया और कहा न माना,
सभी आयत 46 आयत
فَكَذَّبَ وَعَصَىٰ
Fa każżaba wa ‘aṣā.
किन्तु उसने झुठला दिया और कहा न माना,
क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।