सूरह अन-नाज़िआत
فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
Fa ḥasyara fanādā.
फिर (लोगों को) एकत्र किया और पुकारकर कहा,
सभी आयत 46 आयत
فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
Fa ḥasyara fanādā.
फिर (लोगों को) एकत्र किया और पुकारकर कहा,
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