सूरह यूनुस

وَلِكُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولٌ ۖ فَإِذَا جَآءَ رَسُولُهُمْ قُضِىَ بَيْنَهُم بِٱلْقِسْطِ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ

Wa likulli ummatir rasūl(un), fa iżā jā'a rasūluhum quḍiya bainahum bil-qisṭi wa hum lā yuẓlamūn(a).

प्रत्येक समुदाय के लिए एक रसूल है। फिर जब उनके पास उनका रसूल आ जाता है तो उनके बीच न्यायपूर्वक फ़ैसला कर दिया जाता है। उनपर कुछ भी अत्याचार नहीं किया जाता

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