सूरह यूनुस

إِنَّ ٱلَّذِينَ حَقَّتْ عَلَيْهِمْ كَلِمَتُ رَبِّكَ لَا يُؤْمِنُونَ

Innal-lażīna ḥaqqat ‘alaihim kalimatu rabbika lā yu'minūn(a).

निस्संदेह जिन लोगों के विषय में तुम्हारे रब की बात सच्ची होकर रही वे ईमान नहीं लाएँगे,

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