सूरह यूनुस
هُوَ ٱلَّذِى جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيْلَ لِتَسْكُنُوا۟ فِيهِ وَٱلنَّهَارَ مُبْصِرًا ۚ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَـٰتٍ لِّقَوْمٍ يَسْمَعُونَ
Huwal-lażī ja‘ala lakumul-laila litaskunū fīhi wan-nahāra mubṣirā(n), inna fī żālika la'āyātil liqaumiy yasma‘ūn(a).
वही है जिसने तुम्हारे लिए रात बनाई ताकि तुम उसमें चैन पाओ और दिन को प्रकाशमान बनाया (ताकि तुम उसमें दौड़-धूप कर सको); निस्संदेह इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ है, जो सुनते है
📝 टिप्पणी
349) अल्लाह तआला ने पृथ्वी के घूमने के दैनिक चक्र (घूर्णन) को रात और दिन के बार-बार आने का कारण बनाया है। रात के समय, जब सूर्य पृथ्वी के दूसरी ओर होता है, तो अंधेरा और ठंडक हो जाती है, जिससे यह आराम करने के लिए बहुत उपयुक्त समय बन जाता है। वहीं, दिन का उजाला काम और अन्य गतिविधियों के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है।