सूरह इब्राहीम

وَٱسْتَفْتَحُوا۟ وَخَابَ كُلُّ جَبَّارٍ عَنِيدٍ

Wastaftaḥū wa khāba kullu jabbārin ‘anīd(in).

उन्होंने फ़ैसला चाहा और प्रत्येक सरकश-दुराग्रही असफल होकर रहा

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