सूरह इब्राहीम
وَمَثَلُ كَلِمَةٍ خَبِيثَةٍ كَشَجَرَةٍ خَبِيثَةٍ ٱجْتُثَّتْ مِن فَوْقِ ٱلْأَرْضِ مَا لَهَا مِن قَرَارٍ
Wa maṡalu kalimatin khabīṡatin kasyajaratin khabīṡatinijtuṡṡat min fauqil-arḍi mā lahā min qarār(in).
और अशुभ एंव अशुद्ध बात की मिसाल एक अशुभ वृक्ष के सदृश है, जिसे धरती के ऊपर ही से उखाड़ लिया जाए और उसे कुछ भी स्थिरता प्राप्त न हो
📝 टिप्पणी
387) "कलमा ख़बीसा" (अपवित्र वचन) में वे सभी बातें शामिल हैं जिनमें कुफ़्र (अविश्वास), शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को शरीक करना) और हर वह बात हो जो असत्य, अनुचित या बुरी हो।
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