सूरह इब्राहीम
فَلَا تَحْسَبَنَّ ٱللَّهَ مُخْلِفَ وَعْدِهِۦ رُسُلَهُۥٓ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ ذُو ٱنتِقَامٍ
Falā taḥsabannallāha mukhlifa wa‘dihī rusulah(ū), innallāha ‘azīzun żun tiqām(in).
अतः यह न समझना कि अल्लाह अपने रसूलों से किए हुए अपने वादे के विरुद्ध जाएगा। अल्लाह तो अपार शक्तिवाला, प्रतिशोधक है
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