सूरह इब्राहीम

وَتَرَى ٱلْمُجْرِمِينَ يَوْمَئِذٍ مُّقَرَّنِينَ فِى ٱلْأَصْفَادِ

Wa taral-mujrimīna yauma'iżim muqarranīna fil-aṣfād(i).

और उस दिन तुम अपराधियों को देखोगे कि ज़ंजीरों में जकड़े हुए है

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