सूरह इब्राहीम

وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلشَّمْسَ وَٱلْقَمَرَ دَآئِبَيْنِ ۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ

Wa sakhkhara lakumusy-syamsa wal-qamara dā'ibaīn(i), wa sakhkhara lakumul-laila wan-nahār(a).

और सूर्य और चन्द्रमा को तुम्हारे लिए कार्यरत किया और एक नियत विधान के अधीन निरंतर गतिशील है। और रात औऱ दिन को भी तुम्हें लाभ पहुँचाने में लगा रखा है

📝 टिप्पणी
389) अल्लाह तआला ने सूर्य और चंद्रमा को ब्रह्मांड में अपने नियमों के अधीन कर रखा है जिससे पृथ्वी निरंतर सूर्य की परिक्रमा करती है (जो प्रकट रूप में ऐसा लगता है मानो सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा हो) और चंद्रमा निरंतर पृथ्वी की परिक्रमा करता है, साथ ही पृथ्वी अपने अक्ष पर निरंतर घूमती है जिससे दिन और रात की घटना (सिलसिला) सामने आती है।

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