सूरह अज़-ज़ुख़रुफ़
لَقَدْ جِئْنَـٰكُم بِٱلْحَقِّ وَلَـٰكِنَّ أَكْثَرَكُمْ لِلْحَقِّ كَـٰرِهُونَ
Laqad ji'nākum bil-ḥaqqi wa lākinna akṡarakum lil-ḥaqqi kārihūn(a).
"निश्चय ही हम तुम्हारे पास सत्य लेकर आए है, किन्तु तुममें से अधिकतर लोगों को सत्य प्रिय नहीं
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