सूरह अज़-ज़ुख़रुफ़
وَقَالُوا۟ يَـٰٓأَيُّهَ ٱلسَّاحِرُ ٱدْعُ لَنَا رَبَّكَ بِمَا عَهِدَ عِندَكَ إِنَّنَا لَمُهْتَدُونَ
Wa qālū yā ayyuhas-sāḥirud‘u lanā rabbaka bimā ‘ahida ‘indak(a), innanā lamuhtadūn(a).
उनका कहना था, "ऐ जादूगर! अपने रब से हमारे लिए प्रार्थना कर, उस प्रतिज्ञा के आधार पर जो उसने तुझसे कर रखी है। निश्चय ही हम सीधे मार्ग पर चलेंगे।"
📝 टिप्पणी
680) उन्होंने "जादूगर" शब्द का प्रयोग अपमान करने के उद्देश्य से नहीं किया था, बल्कि सम्मान देने के लिए किया था क्योंकि वे जादू के विज्ञान को बहुत बड़ा और प्रतिष्ठित मानते थे।
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