सूरह अल-फ़त्ह

وَمَن لَّمْ يُؤْمِنۢ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ فَإِنَّآ أَعْتَدْنَا لِلْكَـٰفِرِينَ سَعِيرًا

Wa mal lam yu'mim billāhi wa rasūlihī fa'innā a‘tadnā lil-kāfirīna sa‘īrā(n).

और अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान न लाया, तो हमने भी इनकार करनेवालों के लिए भड़कती आग तैयार कर रखी है

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