सूरह अल-फ़त्ह

وَلِلَّهِ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ يَغْفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُ ۚ وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًا رَّحِيمًا

Wa lillāhi mulkus-samāwāti wal-arḍ(i), yagfiru limay yasyā'u wa yu‘ażżibu may yasyā'(u), wa kānallāhu gafūrar raḥīmā(n).

अल्लाह ही की है आकाशों और धरती की बादशाही। वह जिसे चाहे क्षमा करे और जिसे चाहे यातना दे। और अल्लाह बड़ा क्षमाशील, अत्यन्त दयावान है

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