सूरह अल-क़मर
فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِى وَنُذُرِ
Fa kaifa kāna ‘ażābī wa nużur(i).
फिर कैसी रही मेरी यातना और मेरे डरावे?
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فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِى وَنُذُرِ
Fa kaifa kāna ‘ażābī wa nużur(i).
फिर कैसी रही मेरी यातना और मेरे डरावे?
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