सूरह अल-क़मर
إِنَّآ أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ صَيْحَةً وَٰحِدَةً فَكَانُوا۟ كَهَشِيمِ ٱلْمُحْتَظِرِ
Innā arsalnā ‘alaihim ṣaiḥataw wāḥidatan fa kānū kahasyīmil-muḥtaẓir(i).
हमने उनपर एक धमाका छोड़ा, फिर वे बाड़ लगानेवाले की रौंदी हुई बाड़ की तरह चूरा होकर रह गए
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