सूरह अल-क़मर

وَمَآ أَمْرُنَآ إِلَّا وَٰحِدَةٌ كَلَمْحٍۭ بِٱلْبَصَرِ

Wa mā amrunā illā wāḥidatun kalamḥim bil-baṣar(i).

और हमारा आदेश (और काम) तो बस एक दम की बात होती है जैसे आँख का झपकना

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