सूरह अल-क़मर
وَكُلُّ شَىْءٍ فَعَلُوهُ فِى ٱلزُّبُرِ
Wa kullu syai'in fa‘alūhu fiz-zubur(i).
जो कुछ उन्होंने किया है, वह पन्नों में अंकित है
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وَكُلُّ شَىْءٍ فَعَلُوهُ فِى ٱلزُّبُرِ
Wa kullu syai'in fa‘alūhu fiz-zubur(i).
जो कुछ उन्होंने किया है, वह पन्नों में अंकित है
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