सूरह अल-क़मर
إِنَّ ٱلْمُجْرِمِينَ فِى ضَلَـٰلٍ وَسُعُرٍ
Innal-mujrimīna fī ḍalāliw wa su‘ur(in).
निस्संदेह, अपराधी लोग गुमराही और दीवानेपन में पड़े हुए है
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إِنَّ ٱلْمُجْرِمِينَ فِى ضَلَـٰلٍ وَسُعُرٍ
Innal-mujrimīna fī ḍalāliw wa su‘ur(in).
निस्संदेह, अपराधी लोग गुमराही और दीवानेपन में पड़े हुए है
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