सूरह अल-क़मर

مُّهْطِعِينَ إِلَى ٱلدَّاعِ ۖ يَقُولُ ٱلْكَـٰفِرُونَ هَـٰذَا يَوْمٌ عَسِرٌ

Muhṭi‘īna ilad-dā‘(i), yaqūlul-kāfirūna hāżā yaumun ‘asir(un).

दौड़ पड़ने को पुकारनेवाले की ओर। इनकार करनेवाले कहेंगे, "यह तो एक कठिन दिन है!"

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