सूरह हूद

وَأُوحِىَ إِلَىٰ نُوحٍ أَنَّهُۥ لَن يُؤْمِنَ مِن قَوْمِكَ إِلَّا مَن قَدْ ءَامَنَ فَلَا تَبْتَئِسْ بِمَا كَانُوا۟ يَفْعَلُونَ

Wa ūḥiya ilā nūḥin annahū lay yu'mina min qaumika illā man qad āmana falā tabta'is bimā kānū yaf‘alūn(a).

नूह की ओर प्रकाशना की गई कि "जो लोग ईमान ला चुके है, उनके सिवा अब तुम्हारी क़ौम में कोई ईमान लानेवाला नहीं। अतः जो कुछ वे कर रहे है उसपर तुम दुखी न हो

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