सूरह हूद

وَنَادَىٰ نُوحٌ رَّبَّهُۥ فَقَالَ رَبِّ إِنَّ ٱبْنِى مِنْ أَهْلِى وَإِنَّ وَعْدَكَ ٱلْحَقُّ وَأَنتَ أَحْكَمُ ٱلْحَـٰكِمِينَ

Wa nādā nūḥur rabbahū fa qāla rabbi innabnī min ahlī, wa inna wa‘dakal-ḥaqqu wa anta aḥkamul-ḥākimīn(a).

नूह ने अपने रब को पुकारा और कहा, "मेरे रब! मेरा बेटा मेरे घरवालों में से है और निस्संदेह तेरा वादा सच्चा है और तू सबसे बड़ा हाकिम भी है।"

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