सूरह हूद

فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ

Fa saufa ta‘lamūn(a), may ya'tīhi ‘ażābuy yukhzīhi wa yaḥillu ‘alaihi ‘ażābum muqīm(un).

अब शीघ्र ही तुम जान लोगे कि कौन है जिसपर ऐसी यातना आती है, जो उसे अपमानित कर देगी और जिसपर ऐसी स्थाई यातना टूट पड़ती है

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