सूरह हूद

وَلَقَدْ جَآءَتْ رُسُلُنَآ إِبْرَٰهِيمَ بِٱلْبُشْرَىٰ قَالُوا۟ سَلَـٰمًا ۖ قَالَ سَلَـٰمٌ ۖ فَمَا لَبِثَ أَن جَآءَ بِعِجْلٍ حَنِيذٍ

Wa laqad jā'at rusulunā ibrāhīma bil-busyrā qālū salāmā(n), qāla salāmun famā labiṡa an jā'a bi‘ijlin ḥanīż(in).

और हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) इबराहीम के पास शुभ सूचना लेकर पहुँचे। उन्होंने कहा, "सलाम हो!" उसने भी कहा, "सलाम हो।" फिर उसने कुछ विलम्भ न किया, एक भुना हुआ बछड़ा ले आया

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