सूरह हूद

كَأَن لَّمْ يَغْنَوْا۟ فِيهَآ ۗ أَلَآ إِنَّ ثَمُودَا۟ كَفَرُوا۟ رَبَّهُمْ ۗ أَلَا بُعْدًا لِّثَمُودَ

Ka allam yagnau fīhā, alā inna ṡamūda kafarū rabbahum, alā bu‘dal liṡamūd(a).

मानो वे वहाँ कभी बसे ही न थे। "सुनो! समूद ने अपने रब के साथ कुफ़्र किया। सुन लो! फिटकार हो समूद पर!"

📝 टिप्पणी
359) वे कड़क (बिजली) द्वारा इतनी तेज़ी से नष्ट कर दिए गए कि वे पूरी तरह से मिट गए, मानो वे कभी वहाँ रहते ही नहीं थे।

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