सूरह अल-अनकबूत

قَالَ إِنَّ فِيهَا لُوطًا ۚ قَالُوا۟ نَحْنُ أَعْلَمُ بِمَن فِيهَا ۖ لَنُنَجِّيَنَّهُۥ وَأَهْلَهُۥٓ إِلَّا ٱمْرَأَتَهُۥ كَانَتْ مِنَ ٱلْغَـٰبِرِينَ

Qāla inna fīhā lūṭā(n), qālū naḥnu a‘lamu biman fīhā, lanunajjiyannahū wa ahlahū illamra'atahū kānat minal-gābirīn(a).

उसने कहाँ, "वहाँ तो लूत मौजूद है।" वे बोले, "जो कोई भी वहाँ है, हम भली-भाँति जानते है। हम उसको और उसके घरवालों को बचा लेंगे, सिवाय उसकी स्त्री के। वह पीछे रह जानेवालों में से है।"

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