सूरह अल-अनकबूत
مَن كَانَ يَرْجُوا۟ لِقَآءَ ٱللَّهِ فَإِنَّ أَجَلَ ٱللَّهِ لَـَٔاتٍ ۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ
Man kāna yarjū liqā'allāhi fa'inna ajalallāhi la'āt(in), wa huwas-samī‘ul-‘alīm(u).
जो व्यक्ति अल्लाह से मिलने का आशा रखता है तो अल्लाह का नियत समय तो आने ही वाला है। और वह सब कुछ सुनता, जानता है
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